गुरु
करता है जीवन में उजाला, हमको वो सही राह सुझाता,
जिसके
बल पर हम बढ़ते हैं, ज्ञान से राहें रोशन करते हैं|
भूगोल
से सारा जग घुमवाते, इतिहास में वंशजों से मिलाते,
विज्ञान
से नए अविष्कार सिखाते, गणित में गुणा-भाग कराते,
संस्कृत
में संस्कृति से मिलाते, अपने वेदों का परिचय
करवाते
अज्ञानी
में ज्ञान का दीप जलाते, ऐसे सबका भविष्य बनाते|
सही-गलत
जो हमे बताते, विद्यालय में वो अभिभावक बन जाते
मुश्किल
में जब हम पड़ जाते, तो प्यार से वो समझाते
पढ़
नहीं पाते जब कोई पाठ और आते नहीं प्रश्नों के जवाब
लेकर
फिर अपनी कलम-किताब, सुलझाते हैं हर सवाल|
कक्षा
में जब वो आते हैं, हम सब खुश हो जाते हैं,
सुनते
हैं वो सबकी बात, नहीं लगाते किसी को डांट|
करता
है जो कोई शरारत, कहते हैं वाह क्या शक्ति है तुम्हारी,
इसको
तुम लगाओ पढ़ाई में जरा, करोगे तुम कमाल बड़ा|
@
मेखला गुप्ता
0 Comments