जिसने न खेली होली, वो जाने क्या हौवे है होली?
न की रंगों की जोरा-जोरी, वो जाने क्या मस्ती
रंगों की?
वो पानी की बारिश होना, उसमें गानों का बजना,
एक दूसरे को खुशबू वाले गुलालों से रंगनाl
भर पिचकारी सब पे रंग बरसानाl
टेसू (फूल) के पानी में यूँ ही भीग जाना,
मीठी गुजिया से मुंह को सहलाना,
कांजी के पानी से हाजमा दुरुस्त कर जानाl
एक बार जो खेली होली, फिर न भूलोगे होली
फिर हर किसी को बोलोगे तुम भी,
जिसने न खेली होली, वो जाने क्या हौवे है होली?
@ मेखला
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