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धनतेरस की ढेर सारी शुभकामनाएं

 

धनतेरस लो आया है,

जिसने हमको सिखलाया है।

सागर मंथन एक बहाना था,

नायाब रत्नों को बाहर लाना था।

जीवन का सूत्र इंसान को बताना था,

सफलता का गुर सिखलाना था।

कोशिश करोगे जी भर कर जब,

मिले हलाहल या मिले अन्य फल।

हार नहीं तुम मानोगे,

सफलता तभी तुम पाओगे।

@ मेखला


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ठंडी हवा का झोंका