Ticker

6/recent/ticker-posts

अंतिम सत्य

 


मृत्यु का आलिंगन करने के बाद,

दे देना मेरे अंगों कोजिनको है उनकी दरकार,

थोड़े से बालों को देना चिता में जला,

क्योंकि बाकी के बालों का भी सदुपयोग होगा,

न करना परवाह कि रूह को स्वर्ग नहीं मिलेगा,

किसने देखा ऊपर जाकर किस को क्या मिलेगा,

नीचे वालों को अंगों से जब जीने का मजा मिलेगा,

तब ही मेरी रूह को असली सुकून मिलेगा,

अरे सिर्फ काया के कर्म कांडों से नहीं,

ऊपर वाला जिन्दगी भर के कर्मों का करेगा हिसाब,

काया तो वैसे भी पांच तत्वों की माया है,

जो समय के साथ उसमे ही मिल जानी है,

माना ये थोड़ा कटु विषय है,

पर ये भी तो सच है की मृत्यु ही अंतिम सत्य है|


मेखला गुप्ता

Post a Comment

0 Comments

ठंडी हवा का झोंका