अमिताभ बच्चन के एक इंटरव्यू से जुड़ा रोचक किस्सा
रिपोर्टिंग की शुरुआत मेरी काफी रोचक रही कभी मिडिया तो कभी ASI(Archaeological Survey of India) की बीट कवर करने का मौका मिलाl पुराने किले में खुदाई के अवशेषों और सफदरजंग टोम्ब के जैसी एतिहासिक इमारतों के साथ-साथ मैंने काफी टीवी सीरियल के लाँच भी कवर कियेl कुछ ही समय में काफी टीवी से जुड़ी खबरें करने का मौका मिला था l ऐसे ही एक दिन स्टार प्लस की PR का फ़ोन आया मैम आपको इस इवेंट में आना है मुंबई, अमिताभ सर से मिलने का मौका मिलेगा l मन तो मेरा भी बहुत था, पर ऑफिस की जिम्मेदारियों को देखते हुए मैंने मना कर दियाl पर इस बार उसने काफी जोर देकर कहाँ मैम इस बार तो आ ही जाइयेlमन मेरा भी बहुत कर रहा था सो मैंने 10 अक्टूबर को हाफ डे लिया और दूसरे दिन यानी 11 अक्टूबर की मैंने लीव पहले ही ली हुई थी, पति के जन्मदिन के लिएl तो कुछ कहने की जरुरत नहीं पड़ीl ऑफिस में मैंने किसी को नहीं बताया था कि मैं कहाँ जा रही हूँlखैर हमें ऑफिस से स्टार की गाड़ी ने पिक किया और हवाई अड्डे पर ड्राप किया वहां हमे उसी इवेंट के लिए जा रही दो दोस्त और मिल गईंl बातों बातों में हम कब मुंबई पहुंच गए पता ही नहीं चलाl गेट पर ही गाड़ी भी आई हुई थी जिसने हमे कुछ ही देर में नये होटल ताज में ड्राप कर दियाl
होटल तो देखे थे पर होटल ताज की बात कुछ अलग थीl क्योंकि इससे जुड़ी कहानियाँ मुझे बहुत प्रभावित कर गई थींl खैर वो था भी तारीफ के काबिलl रिसेप्शन पर सबको रूम देते समय पूछा गया की आपको स्मोकिंग से प्रोब्लम तो नही होती मैंने तड़ से जवाब दिया होती है, बहुत ज्यादा होती है, तो रूम असाइन करने वाला मुस्कुराता हुआ बोला फिर मैम आपके लिए तो बीसवी मंजिल पर सी फेसिंग वाला नो स्मोकिंग जॉन वाला रूम ही ठीक रहेगाl खुश तो मैं बहुत थी पर पहली बार इस तरह रुकने का मौका मिला था तो किसी कोने में थोड़ा डर सा भी था पर छोटी बहन मुंबई में ही थी इसलिए दिल को तसल्ली भी थीl
जैसे ही मैंने सामान रखा PR का फोन आया आप जल्दी से नीचे आ जाओ सर जाने वाले हैंl
अब इतनी दूर आकर भी अमिताभ बच्चन से न मिले हो नहीं सकता तो मैं सामान रखकर फटाफट नीचे आ गईl जहाँ भीड़ के बीच में यंग हार्ट वाले डेशिंग अमिताभ बच्चन खड़े थेl मुझे अपनी दोस्त से ये पता चला था की वो सुबह 10 बजे से यहाँ हैं और मैं 5:30 बजे पहुंची थी और तब भी वो ऐसे ही फ्रेश लग रहे थे जैसे अभी-अभी आयें होंवहां जाते ही पहले ही बता दिया गया था कि आपको परिवार, राजनीति और किसी भी विषय से सम्बन्धित बात नहीं करनी है यानी प्रश्न नहीं पूछना हैl
धारावाहिक जिसके बारे में भी हमे ज्यादा जानकारी नहीं थी तो हमने कहाँ हम और क्या पूछें?
उन्होंने कहा हम आपको जो प्रश्न बताएँगे वो पूछ लीजियेl पर मैं कभी कॉपी कर नहीं पाई सो मैंने मन कर दियाl पूछे बगैर तो हमारे दिल में खलल रह जातीl
खैर हम पूछते इससे पहले ही किसी बात पर अमिताभ सर ने अपना एक किस्सा साझा किया जिसका मन्तव्य मैं नहीं भूल पाई थी उसे आज साझा कर रही हूँl
किसी ने रिपोर्टर ने कहा आप इतने व्यस्त रहते हैं फिर सोशल साईट पर इतने एक्टिव कैसे रह पाते हैं?
अमिताभ जी बोले मैं अपने ब्लॉग पर चाहे इतना एक्टिव न रहूँ पर फैन तो रहते हैंl और कई तो एक दूसरे को जान भी गए हैंl एक बार उनमें से एक को अपनी माँ को लेकर विदेश से हिंदुस्तान आना थाl रास्ते में उनकी माँ की तबियत बिगड़ गई तो उनको दुबई में लैंड करना पड़ा l वो दुबई में किसी को नहीं जानते थे और काफी परेशान हो रहे थे कि अचानक से उनको याद आया मेरे ब्लॉग पर एक हैं सज्जन हैं, जो दुबई से हैं l उन्होंने उनसे ब्लॉग के माध्यम से अपनी परेशानी साझा कीlउन सज्जन ने ना केवल उनकी माताजी का इलाज करवाया बल्कि अपने घर पर प्यार से ठहराया और काफी खातिर भी की l काफी कहने के बाद भी उन्होंने कोई खर्चा नहीं लियाl जब वे ब्लॉग पर आये तो उन्होंने ये अनुभव सबसे साझा कियाl
मुझे स्टोरी मिली जरुर पर वो कभी छप नहीं पाईl
@मेखला गुप्ता

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