क की कोयल कूक रही है
ख खरगोश खड़ा है
ग कि गैया बैठी भैया
घ का घड़ा पड़ा है
आगे बोलो ङ खाली
सभी बजाओ ताली
च से चमके चंदा मामा
छ का छप्पर छाए
ज से बने जलेबी देवी
झ का झंडा फैराए
आगे बोलो ञ खाली
सभी बजाओ ताली
ट की टोह लिए सपेरा
ठ से ठोके भाला
ड से डम डम बोले डमरू
ढ की ढाप लगाता
आगे बोलो ण खाली
सभी बजाओ ताली
त का तबला लिए तबलची
थ की थाप लगाता
द से दुनिया जोड़ रही
ध से धन का नाता
आगे बोलो न नाली
सभी बजाओ ताली
प पतंग के पेंच लड़े हैं
फ के फुग्गे फूले
ब के बाग़ बगीचों में
भ से भवंरे डोले
आगे बोलो म माली
सभी बजाओ ताली
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