हिचकी
जब-जब हिचकी आती है, उसकी याद दिलाती है|
दबे हुए अहसासों को एक
हिचकी बस यूं ही छेड़ जाती है|
बारूद के ढेर में एक चिंगारी छोड़ जाती है|
सहर-सहर जाते हैं जज्बात, जब एक हिचकी आती है|
मेखला
हिचकी
जब-जब हिचकी आती है, उसकी याद दिलाती है|
दबे हुए अहसासों को एक
हिचकी बस यूं ही छेड़ जाती है|
बारूद के ढेर में एक चिंगारी छोड़ जाती है|
सहर-सहर जाते हैं जज्बात, जब एक हिचकी आती है|
मेखला
जो तन ही नहीं , रूह तक को सुकून दे गया मैं और मेरी छोटी बहन — हम दोन…
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