Ticker

6/recent/ticker-posts

गुरु होता है ऐसा पारस

 


 

गुरु ज्ञान से जीवन में उजास है,

गुरु बिन सूना मन का आकाश है|

गुरु को बड़ा माना गोविन्द ने,  

उनकी महिमा को माना सभी ने|

 

मन का मैल मिटाने वाला,

कीचड़ में कमल खिलाने वाला,

अँधेरे में रौशनी दिखाने वाला,

गुरु है ब्रह्म कहलाने वाला|

 

छल कपट की इस दुनिया में सही राह दिखाने वाला,

कोयले को हीरा बनाने वाला,

कच्ची मिट्टी को आकार दिलाने वाला,

गुरु होता है जिन्दगी संवारने वाला|

 

सही-गलत की पहचान कराता,

जिन्दगी के मायने समझाता|

हर बात को विचारों की छलनी में छ्नवाता,

गुरु ही है, जो सच कि तुला पर उनको नपवाता| 

 

गुरु की महिमा ना जाय बखानी,

गुरु से बड़ा ना कोई ध्यानी|

गुरु होता है ऐसा पारस

परखे शिष्यों को जैसे हों वो हाटक

मेखला गुप्ता

Post a Comment

0 Comments

ठंडी हवा का झोंका