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पढ़ाई मजा है सजा नहीं


हँसते-खेलते पढ़ाई करवाने से बच्चे ज्यादा जल्दी और बेहतर परिणाम देते हैं क्योंकि इसमें पढ़ने के साथ उनका मन भी जुड़ा होता है और जिसमें मन लगा होता है वो पाठ अच्छे से याद रहता है|

 

पढ़ने में मजा आये और पढ़ाई हँसते-खेलते हो जाए बच्चों के लिए ऐसा माहौल बनाना मौजूदा दौर में जरुरत बन गया है| दो साल के लिए आए अवरोध  से सभी की जिन्दगी में कई बदलाव आये हैं पर बच्चों पर इसका प्रभाव ज्यादा पड़ा है| ऑनलाइन कक्षाओं में वो पढ़ तो रहे थे पर विद्यालय के माहौल को, दोस्तों के साथ को, अध्यापकों से रूबरू पढ़ने के आनंद की कमी को महसूस कर रहे थे|

 उनके लिखने पढ़ने के तरीके बदल गए हैं|  पढ़ाई उनके लिए मजा नहीं सजा जैसी हो गई है, जिससे बचने के वो नये-नये रास्ते खोजने लगे हैं| ऊपर से इन्टरनेट की आंधी बच्चों को अपने संग उड़ा ले जाने को तैयार है| सोशल मीडिया ने बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है जिससे उन्हें निकालना अति आवश्यक है|

बच्चों को पढ़ने में मजा आए और वो पढ़ाई को बोझ की तरह न लेकर उसमें आनन्द का अनुभव करें वही असली पढ़ाई है| बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कुछ ऐसा ज्ञान भी देना होगा, जिसमें वो अपना मन लगा पाए |

किताबी कीड़ा बनाने की जगह उन्हें खुले आकाश में साँस लेना और दुनिया के नये रंगों से रूबरू कराना होगा | बच्चों को पढ़ाई में रूचि होने लगे इसके लिए ज्यादा से ज्यादा प्रायोगिक कक्षाएं शुरू की जानी चाहिए| खेल-खेल में पढ़ाई करवाने से बच्चे ज्यादा जल्दी और बेहतर परिणाम देते हैं क्योंकि पढ़ने के साथ उनका मन जुड़ा होता है और जिसमें मन लगा होता है वो अच्छे से याद रहता है| कई अध्यापक अब ऐसे प्रयोग कर भी रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं| लैपटॉप, टैब और मोबाईल की दुनिया से निकालकर खुले मैदान में लाना होगा जहाँ वो शारीरिक खेलों से अपना मनोरंजन कर पायें| छोटे और मासूम चेहरों की लापता ख़ुशी को वापस लाना होगा जिससे वो खुद को एक सभ्य नागरिक के साथ-साथ एक खुशदिल इंसान भी बनें|

 

 

पढ़ाई करने का हर इंसान का अलग-अलग ढंग होता है किसी की म्युजिक सुनते हुए 

पढ़ाई अच्छी होती हैतो किसी को पढ़ते समय एकदम शांति चाहिए। तय करें की आपकी पढ़ाई कैसे बेहतर हो सकती है।

पढ़ने के लिए कुछ नियम

·        पढ़ने का समय निर्धारित करें|

·        भले ही समयावधि कम हो लेकिन जो पढ़े एकाग्रता से पढ़े|

·        पढ़ने के बाद उसके कुछ मुख्य बिन्दु जरूर लिख लेंइससे आपको बार बार पूरी डिटेल नहीं पढ़नी पड़ेगी। ये बिन्दु आपको पाठ याद करने में बहुत मददगार रहेंगे।

·        जो विषय आसानी से समझ  रहा हो सबसे पहले उसके नोट्स बना लें फिर

 कठिन विषय पर पूरा ध्यान दें। क्योंकि अगर कठिन विषय में उलझ जाएंगे तो आसान भी आसानी से समझ नहीं आएगा।

·        पढ़ते समय विषय को एक बार अच्छे से समझ लें फिर उसको उसी समय दो-तीन बार बिना देखें दोहराएं। इससे विषय एकदम समझ आ जाता है।

·        विषय में अगर कुछ समझ   रहा हो तो नोटबुक में नोट कर लें और  अगले दिन गुरूजी से पूछें।

·        पासबुक पर कदापि निर्भर  रहें। क्योंकि पढ़ाई मात्र डिग्री लेने तक सीमित नहीं होती यह हमारी बुद्धि को सही राह और मार्ग चुनने में मदद करती है।

·        ज्ञान अर्जन कभी व्यर्थ नहीं जाता। बिगड़े कामों को बनाने में मदद करता है ज्ञान।

 

मेखला गुप्ता

 

 

जरूरी है सम्मान देना

टीचर्स दे पर शिक्षकों को कार्ड बनाकर देने से ज्यादा जरूरी है उनकी दिल से इज्जत करना

 

वक्त फर्श से अर्श पर और अर्श से फर्श पर लाने में देर नहीं लगाता

अछे अच्छे नामचीन लोग जिनकी शोहरत हिंदुस्तान के साथ साथ विदेशों में भी फैली हुई थी जिनके स्टारडम से फ़िल्में चलती थी पर एक वक्त के बाद वो भी गुमनामी के अँधेरेमें खो गए

इसलिए जीना जीना है खुलकर जिओ और कल की उम्मीद तो कटी मत रखो खुद से खुद को पैम्पर कर लो दुनिया चढ़ते सूरज को जल चढ़ाती है ढलता सूरज रात का अँधेरा ही लाता है

कभी कभी लगता है की देखो उसने कितना नाम कम लिया उसने कितना पैसा जमा कर लिया लेकिन

 

 

 

 

अपनी संस्कृति और धरोहर को जानने लिए उनके आधार को जानना जरूरी है

रामायण आप सबने सुनी होगी

महाभारत भी सुनी होगी पर कुछ ऐसी जानकारियां जो आपको

 

 

मैंने देखा एक सपना

 

जगी थी पर सोई हुई सी

सपना था अपने फुल टशन में,

मैंने अपना स्टार्ट आप शुरू किया था

बात यहीं नहीं रुकी थी नाम दिया था  MAHDBW  (MA hindi दही बड़े वाली)

सबने कहा ये क्या नाम हुआ

मैंने कहा आजकल नाम ऐसे ही जो चल रहे हैं

पर धीरे धीरे काम चल निकला मेरे दही बड़ों  का स्वाद लोगों की जुबां पर चढ़नेलगा

 

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ठंडी हवा का झोंका